Friday, 23 October 2009

नेत्र - दान

देखिये ,दिवाली जैसा जगमगाहट भरा त्यौहार रौशनी लेकर आया ,और देखते ही देखते चला भी गया । थोड़े दिन का ही सही ,पर ये रौशनी का अगले बरस सभी को फिर इंतजार ,पर क्या आप सच में चाहेंगे ऐसी उजाला भर देने वाली दीपावली साल के ३६५ दिनों में हर घंटे यहाँ तक की हर सेकंड मनाएं। मेरी यह रचना का आशय आप समझ ही गए होंगे नेत्र-दान इस ओर बढाया गया मेरा यह कदम है, पग-पग आगे बढ़ने के लिए आप से सहयोग की आशा रखती हूँ।
हमारी भारतीय संस्कृति में वर्षों से दान शब्द का बड़ा ही महत्व रहा है। कुछ समय पूर्व "नवरात्र" जोर शोर से मनाये गए - माँ दुर्गा को प्रशन्न करने के लिए भक्त जनों ने अन्न दान, धन दान से लेकर माँ को आभूषण तक दान में समर्पित किए। इसके पहले पित्र- पक्ष जो की हमारे पूर्वजों की हमेशा से याद दिलाता है, लोग "गया" जैसी पवित्र भूमि पर जा कर पिंड दान जैसा महान कार्य करते हैं, और भी अनेक दान जैसे कन्या के माता पिता से अक्सर आपने कहते सुना होगा हमने तो भाई चारों धाम पूरे कर लिए क्योंकि कन्या का विवाह कर कन्या-दान जैसा बड़ा काम किया, पर मेरी इस प्रकाशित रचना में आप सभी को विशेषकर "नेत्र-दान" जैसे महान कार्य की ओर जागृत होना है।
जरा आँख बंद कीजिये और सोचिये जब हमें आँख में तकलीफ होती है और हम आई ड्राप डालते हैं तो हमें कुछ सेकंड ही आँख बंद रखनी होती है और हम कितना परेशान हो जाते हैं, अन्धकार ही अन्धकार काला पन लिए हुए चारों ओर अँधेरा लगने लगता है मानों कब जल्दी से आँखें खोलो, सोचिये इस संसार में ऐसे कितने अभागे लोग हैं जिनके जीवन में हमेशा ही अँधेरा रहता है पर क्या आप जानते हैं ? उनके इस अंधकारमय जीवन को कोई चमत्कार नहीं बल्कि छोटे से प्रयास नेत्र- दान जैसे महान कार्य से दूर कर सकते हैं। बस तुंरत जाग जाईये आँखें खोलिए और इस अनमोल दान नेत्र-दान जैसे पवित्र काम को कर डालिए।
मेरे इस रचना को पढने वाले अनेक सज्जन इन्सान इस दान को कर भी चुके होंगे तो भी रुकिए नहीं दूसरों को भी इस मार्ग की राह दिखाइए, क्योंकि संसार में जन्मे हर इंसान को हक़ बनता है ईशवर द्वारा सुंदर संसार की रचना को निहार सकें।
हम प्रण करें और प्रतिज्ञा लें और गर्व से कह उठें-
"ऊंचाई तक उठने के लिए विकास चाहिए,
अंधेरे को भगाने के लिए प्रकाश चाहिए,
सब कुछ सम्भव है आपके द्वारा,
बस आप में कुछ कर सकने का विश्वास चाहिए।"
मैं नीचे कुछ आँखें दान करने के लिए कुछ फ़ोन नम्बर दे रही हूँ इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं।
(01) Dr.Shroff's Charity Eye Hospital
New Delhi-011-43524444,43528888
(02) Jaslok Hospital Eye Bank
Mumbai- 022-24933333/24939595
(03) Divya Jyot Eye Hospital
Thane- 02528-222875/222678
(04) Rotary Narayana Nethralaya
Kolkata- 033-23673312/3/4
(05) Raghudeep Eye Clinic
Ahmedabad- 079-27492303/27490909
(06) Suraj Eye Institute
Nagpur- 0712-2595600/2595636
(07) Sankara Nethralaya
Chennai- 044-28272727/28271616/28233556

7 comments:

  1. a good attempt. everyone of us should think in this direction and make sure that we enlighten the lives of many down trodden and blind. Its a noble appeal and we can contribute to the society by doing " Netra Daan".

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  2. आप का स्वागत करते हुए मैं बहुत ही गौरवान्वित हूँ कि आपने ब्लॉग जगत मेंपदार्पण किया है. आप ब्लॉग जगत को अपने सार्थक लेखन कार्य से आलोकित करेंगे. इसी आशा के साथ आपको बधाई.
    ब्लॉग जगत में आपका स्वागत हैं, हमने भी आज ही एक और नया चिटठा "चर्चा पान की दुकान पर" प्राम्भ किया है, चिट्ठे पर आपका स्वागत है.
    http://chrchapankidukanpar.blogspot.com
    http://lalitdotcom.blogspot.com
    http://lalitvani.blogspot.com
    http://shilpkarkemukhse.blogspot.com
    http://ekloharki.blogspot.com

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  3. धन्यवाद रश्मिजी,
    कुछ वर्षों पहले Times group ने Times Eye Research Foundation के अन्तर्गत नेत्रदान के पंजीकरण करवाये थे तभी हमने अपने पूरे परिवार का नेत्रदान के लिये पंजीकरण करवा दिया था।
    ॥दस्तक॥|
    गीतों की महफिल|
    तकनीकी दस्तक

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  4. आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में हार्दिक स्वागत है. आपके नियमित लेखन के लिए अनेक शुभकामनाऐं.

    एक निवेदन:

    कृप्या वर्ड वेरीफीकेशन हटा लें ताकि टिप्पणी देने में सहूलियत हो. मात्र एक निवेदन है.

    वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए:

    डैशबोर्ड>सेटिंग्स>कमेन्टस>Show word verification for comments?> इसमें ’नो’ का विकल्प चुन लें..बस हो गया..कितना सरल है न हटाना..

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  5. बहुत-बहुत स्वागत..शुभकामनायें

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  6. " behatarin post ke liye aapko badhai aur aapka swagat hai "

    " visit on my blog "

    ----- eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

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  7. A highly commendable task when the world around us seems jittery.
    Visit my blog on www.glancekrishna.blogspot.com

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