Tuesday, 8 September 2009

कांग्रेस -जैसी मजबूत सरकार की लाचार,बेचारी ,भूख से तड़पती मजबूर जनता

क से कौन ?
क से कैसे ?
क से कब ?
क से क्या ?
क से कहाँ ???
इतने सारे सवाल मेरे मन में क्यों उमड़ रहे हैं और ध्यान से देखिये सभी सवाल वर्णमाला के "क" जैसे महत्वपूर्ण अक्षर से सम्बंधित हैं। आप समझ ही गए होंगे की कांग्रेस का "क" भी इतना ही महत्वपूर्ण है। जब हम सब देशवासी इतनी महत्वपूर्ण और मजबूत सरकार को भरी मतों से विजयी बना कर लाये हैं, तो यकीनन बहुत सारी आशाएं और ढेर सारी उम्मीदें भी हैं। सबसे पहले तो मैं क्षमा चाहूंगी की कृपया कर मेरे शब्दों को अन्यथा न लें, बस यह सब गरीबों और मध्यमवर्गीय जनता की पुकार है।
सरकार को जीत का ताज पहनाने में इस वर्ग का सबसे बड़ा योगदान रहता है पर ये क्या ? ये वर्ग तो बिना डायबिटीज़ हुए ही बिना चीनी की चाय पी रहा है- मंहगाई जो आज स्वैइन फ्लू की तरह तेजी से बढ़ रही है बेचारी यह जनता पहले ही काली चाय पीती थी ( क्योंकि दूध के दाम तो वैसे ही सर चढ़ कर बोल रहे हैं)। कहीं ये महंगाई का वायरस यूंही फैलता रहा तो शायद इन्हे गरम पानी पी कर ही काम चलाना पड़ेगा।
मेरे कहेना का कतई ये तात्पर्य नहीं है की यह महंगाई कांग्रेस सरकार के राज्य में है, सरकार तो वकाया इसके कारण भी समझा रही है जैसे गन्ने का कम उत्पादन होना, मानसून वीक होना, रुपया की कीमत में गिरावट वैगरह वैगरह। कारण जो भी हों, लेकिन अगर हम ये सोचें यह महंगाई की मार को रोजमर्रा की चीजों की जगह दूसरी तरीके से पूरा किया जा सके मसलन बड़ी बड़ी चार पहियों की गाडियों पर स्पेशल टैक्स (महंगाई टैक्स) लगा कर, आलीशान मुल्तिप्लेक्सेस में टिकेट्स के दाम बढ़ा कर, होटल्स के तेर्रिफ बढ़ा कर, ब्रांडेड चीजों पर भी स्पेशल महंगाई टैक्स लगा कर आदि।
कहने का तात्पर्य यह है की इससे उच्च वर्गीय लोगों की जेब पर जोर तो जरूर पड़ेगा, पर उन लोगों को कोई अन्तर नहीं पड़ेगा, पर सच कांग्रेस सरकार मेरा एक छोटा सा, शब्दों के माध्यम से प्रयत्न है जो शायद काफ़ी हद तक गरीबों के पेट में जो महंगाई की आग जल रही है उससे उन्हें छुटकारा मिल सके।
क्योंकि जहाँ चाह वहां राह।
उम्मीद और विश्वास के साथ।

3 comments:

  1. it really surprised me to read ur block. u are a so keen follower of the things happening arround and can put ur views in such strong way - all praise for u. a good beginning. keep it up. good wishes
    arun arnaw
    www.sportsbharti.com

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  2. Yes the points raised by you are true and related to the ground reality. a good attempt keep trying in future also.Good Luck to you. Also read my Blog on the following Link:

    http://rakeshkhareblogs.blogspot.com/2009/05/my-india-can-become-superpower-nation.html

    This will give you an understanding of the requirements from the present UPA govt. Also try to analyse the incidents happened during the first 100 days completion of UPA govt. vis-a- vis the issues raised in my earlier blog on above link.

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